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निजी अस्पताल ने मचा राखी थी खुली लूट, अब संचालक पर पुलिस ने कसा शिकंजा

पलवल । एक तरफ जहां पूरा देश और प्रदेश कोरोना महामारी से ग्रसित है वहीं इस मजबूरी का फायदा कुछ निजी अस्पताल उठा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला पलवल के प्रसिद्ध अस्पताल गुरु नानक का है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल के संचालकों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है. पलवल निवासी अधिवक्ता रवि रावत ने बताया कि मेरी माताजी की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें गुरु नानक अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया. उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे थे. अस्पताल पहुंचने पर उनसे कहा गया कि पहले अस्पताल मालिक से बात करें. बाद में इलाज शुरू हो पाएगा.

अधिवक्ता रवि रावत से कहा गया कि अस्पताल में उपचार के लिए मेडिक्लेम नहीं चलेगा और रोजाना इलाज के लिए 60 हज़ार रूपए जमा करवाने होंगे और रुपयों के लिए गारंटर भी लाना होगा. इसके अलावा रुपए जमा करवाने पर कोई बिल भी नहीं मिलेगा. पीड़ित को 30 हज़ार रूपए एडवांस और 10 हज़ार रूपए दवाइयों के लिए जमा करवाने को कहा गया. अपनी मां की नाजुक नाजुक हालत देखते हुए उन्होंने 40 हज़ार रूपए जमा करवा दिए. काफी देर बीतने के बाद भी जब इलाज शुरू नहीं हुआ तो उन्होंने पूछा कि डॉक्टर कब तक आएंगे? तो वहां मौजूद अस्पताल संचालक डॉ अनूप कुमार और डॉक्टर तेजेंद्र सिंह ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और मरीज को अस्पताल से ले जाने के लिए कहा.

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इतना ही नहीं इसके बाद उन्होंने अपनी मां को पलवल के सचिन अस्पताल, गैलेक्सी अस्पताल और एपेक्स अस्पताल में दाखिल करवाना चाहा, तीनों अस्पतालों की तरफ से कोविड मरीज को दाखिल करने के लिए हामी भर दी गई और प्रतिदिन का बिल 70 से 75 हज़ार रूपए बताया. लेकिन जब उन्हें पता चला कि मरीज महिला का बेटा एक अधिवक्ता है, तो उन्होंने उसे दाखिल करने से ही मना कर दिया.

इसके बाद पीड़ित ने चंडीगढ़ सेक्टर 29 स्थित अस्पताल में अपनी मां को ले जाने के लिए गुरु नानक अस्पताल के डॉक्टरों से एंबुलेंस के लिए बात की तो उन्होंने एम्बुलेंस का किराया 155000 रूपए बताया. काफी प्रार्थना करने पर एम्बुलेंस का किराया 110000 रूपए ले लिया गया. उसके बाद रवि रावत ने सोशल मीडिया पर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए वीडियो पोस्ट की, जो काफी वायरल भी हुई. इस मामले की जांच करते हुए जिला उपायुक्त ने एक कमेटी का गठन किया.

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जांच के बाद पाया गया कि एंबुलेंस का किराया सरकार द्वारा निर्धारित रेट से ज्यादा लिया गया है. तत्पश्चात पुलिस ने गुरुनानक अस्पताल के संचालक और दो अन्य के खिलाफ धारा 383, 188, 269, 270 120बी, 51डीएम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है. परंतु पीड़िता रवि रावत का मानना है कि पुलिस ने इस मामले में अभी तीन अस्पतालों का बचाव किया है जिनके खिलाफ वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.

दूसरी ओर इस मामले पर पलवल कैंप थाना प्रभारी राधेश्याम ने बताया कि जिला उपायुक्त द्वारा गठित जांच कमेटी द्वारा जांच के आधार पर और पीड़ित की शिकायत पर गुरु नानक अस्पताल के संचालक डॉ अनूप कुमार, डॉ देवेंद्र सिंह व कर्मचारी नेत्रपाल के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. फिलहाल जांच चल रही है. बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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