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परीक्षा में 100% अंक लाने पर भी युवती का नहीं हुआ सिलेक्शन, खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

चंडीगढ़ । हरियाणा में सरकारी नौकरी का क्रेज कितना है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हरियाणा के करनाल जिले की अभ्यर्थी मोनिका रमन ने बिजली वितरण कंपनी में जूनियर सिस्टम इंजीनियर पद के लिए परीक्षा दी थी. परीक्षा में उसे 100% अंक प्राप्त हुए. यह उसकी मेहनत ही थी कि उसने यह मुकाम हासिल किया. लेकिन 100% अंक प्राप्त करने के बाद भी उसका जूनियर सिस्टम इंजीनियर के पद पर चयन नहीं हुआ.

अब उसने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली है. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.

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रमन ने दायर याचिका में कहा है कि उसने प्रतियोगिता परीक्षा में 100% अंक प्राप्त किए, बावजूद इसके उसे नौकरी से वंचित रखना समानता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है. उसने कहा कि एचएसएससी में डीएचबीवीएनएल के लिए जेएसइ के पदों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन दिया था. जिसमें उसने 100 में से 100 अंक प्राप्त किए.

90 अंकों की लिखित परीक्षा में उसने 90 अंक हासिल किए. लेकिन जब अंतिम चयन सूची घोषित हुई तो उसका नाम नहीं था. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सामान्य वर्ग की कटऑफ के अंक 93 थे और सामान्य वर्ग के लिए वेटिंग सूची 92 अंक निर्धारित की गई थी. राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए सामाजिक आर्थिक मानदंडों के कारण याची का चयन नहीं हो पाया.

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याची की बजाये लिखित परीक्षा में 84 से 89 अंक हासिल करने वालों का सामाजिक आर्थिक मानदंडों के तहत अतिरिक्त अंक देकर चयन कर लिया गया. अब याची ने जेएसी पद के लिए घोषित परिणाम को रद्द करने की मांग की और उसने अनुरोध किया कि एक मेधावी उम्मीदवार होने के नाते उसे नौकरी दिलवाई जाये.

 

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