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कोरोना की त्रासदी झेलने वाले गांव टिटोली मे फिर लोटी हंसी ठिठोली

रोहतक । रोहतक के टिटोली गांव ने कोविड-19 के दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा त्रासदी झेली थी, अब इस गांव की चंद ताजा तस्वीरों में नन्ही सी देविका रानी गलियों में मस्ती कर रही है. इसके साथ ही कई अन्य बच्चे भी खेल रहे हैं. बता दे कि यह वही बिटिया है जो करीब डेढ़ महीने पहले अपने घर में कैद थी. जब टीम गांव में पहुंची तो अबोध बिटिया अपने घर के टूटे दरवाजे से बाहर झांक रही थी. बेटी घर में कैद थी क्योंकि इनके आस पड़ोस में बीमारियों की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी थी.

प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना के केसस कम होने की वजह से गांव में लोगों का जीवन सामान्य होने लगा है

अब धीरे-धीरे बीमारी खत्म होने लगी है तो हर कोई अपने काम में व्यस्त हो चुका है.   बेटी और दूसरे बच्चे अब पहले की तरह ही गलियों में धमाचौकड़ी कर रहे हैं. वहीं कुछ बच्चे भरी दुपहरी में तालाब में नहा रहे हैं. किसान सिर पर बीज रखकर खरीफ फसलों की बिजाई के लिए जा रहे हैं. कुछ बुजुर्ग सुबे पहलवान की बैठक के बाहर हुक्का गुड गुडआते हुए दिखाई दे रहे हैं . सरकारी राशन डिपो में राशन लेने के लिए लगी कतार अब गांव में सब कुछ सुखद होने की गवाही दे रही है. बता दें कि इस गांव में कोरोना की दूसरी लहर की वजह से तकरीबन 7 लोगों की मौत हो गई थी.

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महामारी के दौरान जहां लोगों ने अपनों को खोया वही अलग-अलग परिवारों में 16 बच्चो ने जन्म लिया . वैक्सीन कार्य की देखरेख कर रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिड़ी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ कुलदीप सिंह का कहना है कि टीटोली गांव के लिए डोज की कमी नहीं होने दी जाएगी. क्योंकि यह गांव जिले में सबसे ज्यादा संवेदनशील रहा है. डॉक्टर सिंह दावा करते हैं कि अब गांव में एक भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं है. महामारी के दौरान जहां लोग कोविड- टेस्ट नहीं करवा रहे थे,  वहीं अब लोग कोरोना की पहली डॉज लेने के लिए लाइन में लगे हुए हैं .

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