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झुग्गी बस्ती में रहने वाले हरियाणा के बेटे ने रचा इतिहास, यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर लहराया तिरंगा

ऐलनाबाद । शहर की झुग्गी बस्तियों से निकलकर माउंट एवरेस्ट तक चढ़ाई करने का सपना देखने वाले पर्वतारोही हुकुमचंद उर्फ चांद माही ने इतिहास रच दिया है. बता दे कि उन्होंने वीरवार को सुबह 6:00 बजे यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर तिरंगा लहरा कर दुनिया भर में ऐलनाबाद का नाम रोशन कर दिया. चांद माही ने इस सफलता के बाद भारत माता की जय के नारे लगाए और अपना संदेश देते हुए ऐलनाबाद निवासियों का आभार व्यक्त किया.

हरियाणा के बेटे ने यूरोप में किया  देश व प्रदेश का नाम रोशन

अपने इस अभियान के तहत चांद माही 1 अप्रैल को ऐलनाबाद से रूस रवाना हुआ था. नागरिक अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष के बीच पुष्पवर्ता करके व फूल मालाएं पहनाकर विदाई दी गई. ताकि वह इस अभियान में कामयाब होकर दुनिया भर में ऐलनाबाद का नाम रोशन कर सकें. चांद माही ने रूस में माउंट एवरेस्ट के नाम से प्रसिद्ध यूरोप की सबसे ऊंची 18500 फुट की चोटी को फतह करने के लिए 3 जुलाई को यह अभियान शुरू किया था. वीरवार सुबह उन्होंने इस में सफलता हासिल की.

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चांद माही की इस उपलब्धि पर शहर के विभिन्न गणमान्य उन्हें बधाई देकर उनके जल्द घर वापस लौटने की कामना की. बता दे कि शहर की झुग्गी बस्ती में रहने वाले पर्वतारोही हुकुमचंद ने पहले हिमाचल में 15500 फीट से 18000 सीट की छह चोटियों पर फतह हासिल की हुई है उसके इन अभियानों के लिए यहां के विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने आर्थिक मदद दी, बता दें कि उनके पास रूस आने जाने के लिए हवाई जहाज की टिकट का खर्चा और कोर्स की फीस भरने के लिए पैसों का अभाव था. लेकिन कई समाजसेवी संस्थाओं का सहयोग मिला जिसके बाद उसने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर तिरंगा लहरा दिया.

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