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मॉनसून में बार-बार बदलाव से मौसम वैज्ञानिक भी हैरान

करनाल । हरियाणा में मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है. हरियाणा के कई हिस्से पानीपत,अंबाला, यमुनानगर मे भी देर शाम से बूंदाबांदी शुरु हुई. वही समय से पहले मानसून की आहट के बावजूद भी बारिश ना होना वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी. इस समय कम दबाव का क्षेत्र उत्तर आंध्र प्रदेश और  उड़ीसा से सटे पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है.

मॉनसून में बार-बार परिवर्तन से वैज्ञानिक भी हैरान 

संबंध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5. 8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. राजस्थान के पश्चिमी भाग से पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़,ओडिशा आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट से होते हुए एक निम्न दबाव की रेखा पश्चिमी मध्य बंगाल की खाड़ी पर बने हुए निम्न दबाव तक जा रही हैं.

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राजस्थान के मध्य भागों पर एक चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है . बता दें कि इस समय हवाओं के पूर्व की ओर मोड़ने, आद्रता मे वृद्धि और सुबह के समय हल्की हवा के साथ लगातार कम बादलों के साथ वातावरण में परिवर्तन दिखाई दे रहा है. लेकिन यह परिवर्तन बरसात के रूप में प्रकट होने के कम ही आसार दिख रहे हैं. समय से पहले मानसून की आहट के बाद भी हरियाणा के कई हिस्सों में मॉनसून के बरसात ना के बराबर है.

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