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हिसार लाठीचार्ज मामले में प्रशासन ने मानी किसानों की मांगे, जाने

हिसार । 16 मई को हिसार में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था, जिसके तहत उन्हें चौधरी देवीलाल संजीवनी अस्पताल का उद्घाटन करने जाना था. वहां किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस द्वारा 350 किसानों पर हत्या का प्रयास करने का मामला दर्ज कर लिया गया था. इसी का विरोध प्रकट करने सोमवार को हजारों की संख्या में किसान हिसार एकत्रित हुए. किसान नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लंबी बैठक चली. उसके बाद सहमति बनी कि प्रशासन द्वारा किसानों पर दर्ज मुकदमे वापिस ले लिए जाएंगे.

File Photo.

प्रशासन के द्वारा आश्वासन दिया गया कि 1 महीने के अंदर प्रशासन की तरफ से लीगल ओपिनियन लिया जाएगा इसके बाद किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे. इस मीटिंग में उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी, मंडलायुक्त चंद्रशेखर और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. उन्होंने किसानों की 26 सदस्य कमेटी से सलाह मशवरा किया और यह फैसला लिया. इस दौरान किसानों की तरफ से संयुक्त किसान मोर्चा कमेटी के सदस्य राकेश टिकैत, अशोक धावले, गुरनाम सिंह चढूनी व पंजाब के किसान नेता राज्जेवाला मौजूद थे.

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मृतक किसान के परिवार के सदस्य को दी जाएगी नौकरी

गौरतलब है कि सोमवार को किसानों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, उसमें एक किसान की मृत्यु हो गई. मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है. इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदर्शन के दौरान जिस किसान रामचंद्र की मृत्यु हुई है,उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी. किसान नेता राकेश टिकैत ने बताया कि दोनों पक्षों में आपसी सहमति हो गई है प्रशासन ने केस वापस लेने के लिए आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा है कि किसान आंदोलन में जितने भी किसानों के खिलाफ केस दर्ज हुए हैं उन सभी को वापस लिए जाने को लेकर दिल्ली में एक बड़े पैमाने पर आंदोलन रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि इस विषय में प्रशासन वादाखिलाफी करता है तो दोबारा से आंदोलन किया जाएगा.

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