Breaking News

कैसे टिक पाएगा किसान आंदोलन, राकेश टिकैत और गुरनाम चढ़ूनी में चौधर की जंग शुरू

हिसार । चढ़ूनी के नए संगठन की बात पर टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (किसान आंदोलन) के साथ देश भर के 550 किसान संगठन जुड़े हुए हैं. इससे इन संगठनों के प्रभाव और क्षेत्र का अनुमान लगाया जा सकता है. यह प्रश्न भी उठता है कि जब ये सभी किसान हित के लिए काम करने का दावा करते हैं और सबका लक्ष्य एक है तो इतने संगठन क्यों? उत्तर है, सब को चौधर प्यारी है. कोई दूसरे को चौधरी मानने को तैयार ही नहीं. सरकार से वार्ता के लिए पहले जो 40 संगठन जाते थे.

उनमें 31 पंजाब के होते थे। आंदोलन की कमान 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के पहले तक पंजाब के संगठनों के हाथ में थी, लेकिन हरियाणा के चौधरी चढ़ूनी ही थे. उन्हें दिक्कत 26 जनवरी के बाद हुई। दिल्ली में हुई हिंसा के कुछ दिन बाद ही हरियाणा में उनकी चौधर को चुनौती मिली. आंसू बहाकर आंदोलन को पुनर्जीवित करने का श्रेय बटोर लेने वाले राकेश टिकैत ने हरियाणा के उसी हिस्से में पंचायतें करनी शुरू कर दीं, जो आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा था. तब चढ़ूनी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह टिकैत पर आक्षेप करते दिखे थे.

यह भी पढ़े   राकेश टिकैत को धमकी देने वाले इंजीनियर को किया पुलिस ने दबोचा, ये बताया कारण

वास्तव में हरियाणा के जिस हिस्से (मध्य हरियाणा) के लोग उस प्रदर्शन में शामिल हुए थे, वहां के लोगों में चौधर की जबरदस्त आकांक्षा है. इसमें दो हिस्से हैं। एक बागड़ दूसरा देसवाल. दोनों चाहते हैं कि चौधर हमारी रहे. अभी दोनों की निगाह हरियाणा की चौधर पर है, जो उनके पास है नहीं, इसलिए फिलवक्त दोनों एक हैं. चौधर की चाहत में एक हुआ यही वर्ग गुरनाम चढ़ूनी के साथ था, लेकिन राकेश टिकैत इस वर्ग को चढ़ूनी से छीन ले गए. एक नजरिये से चढ़ूनी की चाहत गलत भी नहीं, जब पांच-छह सौ किसान संगठनों के नेता चौधर की चाहत पाले हैं तो चढ़ूनी या टिकैत पाल रहे हैं तो क्या बुरा है.

यह भी पढ़े   हिसार में दर्दनाक हादसा:दो जून की रोटी कमाने निकले मजदूरों का टैंपो गैस के टैंकर से टकराया, महिला की मौत; पांच घायल

About Rohit Kumar