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12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर हुई बैठक खत्म, लिया गया ये अहम फैसला

नई दिल्ली । 12वीं की बोर्ड की परीक्षा करवाए जाने संबंधित विभिन्न विकल्पों पर चर्चा करने के लिए आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, समृति ईरानी, सभी राज्यों के शिक्षा सचिव तथा शिक्षा मंत्री शामिल हुए. आज हाई लेवल मीटिंग में 12वीं की बोर्ड के परीक्षा को करवाए जाने हेतु केंद्र सरकार ने 2 प्रस्ताव रखे हैं. जो दो विकल्प केंद्र द्वारा सुझाए गए है उनमें से पहला विकल्प 12वीं के विद्यार्थियों के सिर्फ मेन सब्जेक्ट की परीक्षा लेने का है. बता दें कि कुल 200 सब्जेक्ट में से 20 सब्जेक्ट को मेन एग्जाम से माना जाता है.

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12वीं की विद्यार्थी की परीक्षा करवाई जाने को लेकर दूसरा विकल्प भी सुझाया गया है जिसके अनुसार परीक्षा का पैटर्न बदला जाएगा. बताया गया कि विद्यार्थियों के स्कूलों में की परीक्षा करवाई जाए. दूसरे विकल्प को लेकर यह भी कहा गया परीक्षा का समय 3 घंटे की बजाय डेढ़ घंटे का हो. इसके साथ ही सब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पत्र के बजाय ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पत्र दिया जाए.

स्कूलों में होंगी आंसर शीट चेक

आज की मीटिंग में परीक्षा को लेकर जो विकल्प सुझाए गए उनमें से एक महत्वपूर्ण विकल्प यह बताया गया है कि विद्यार्थियों की परीक्षाएं उनके संबंधित विद्यालय में ही करवाई जाए. इसके साथ ही विद्यार्थियों को यह तय करना होगा कि वह कितने सब्जेक्ट के एग्जाम देना चाहते हैं इसके अलावा परीक्षा संपन्न होने के बाद आंसर शीट को उन्हीं विद्यालयों में चेक किए जाने की व्यवस्था की जाए.

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1 जून को होगा फैसला

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज खत्म हुई उच्च स्तरीय मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि 1 जून को परीक्षा के संबंध में फैसला लिया जाए. इस मीटिंग के संपन्न होने से यह स्पष्ट होता नजर आ रहा है की 12वीं की परीक्षाएं ली जाएंगी.

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