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अब विज बोले: बंद हो एलोपैथी और आयुर्वेद पर बहस, मरीजों में पैदा होता है भ्रम

चंडीगढ़ । स्वामी रामदेव ने एलोपैथी दवाओं के लिए जो बयान दिया, उससे देश भर में एक बहस छिड़ गई है- एलोपैथी बनाम आयुर्वेद. कौन सी दवाइयां सही है? कौन सी मरीज के लिए फायदेमंद है? किस का इतिहास कितना पुराना है.? लेकिन इन सब बयानबाजी के बीच हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का भी बयान आया है उन्होंने कहा है कि हमें ऐसी बहस बाजी से बचना चाहिए. इनसे मरीजों में भ्रम फैलता है. यह वक्त बहस करने का नहीं है, बल्कि मरीजों की हौसला अफजाई करने और उनको अच्छा इलाज देने का है.

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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से जब पूछा गया कि एलोपैथी और आयुर्वेद किस के इलाज को आप सही मानते हैं? इस पर विज ने कहा कि जहां आयुर्वेद से इलाज हो वहां इससे हो सकता है. लेकिन जब एलोपैथी की जरूरत होती है तो वहां उससे हो सकता है. दोनों का अपना-अपना महत्व है. उन्होंने कहा कि इस बात पर बहस किए जाना व्यर्थ है कि कौन सी पद्धति ठीक है.

अनिल विज ने कहा कि यह दोनों उपचार पद्धति या एक दूसरे की विरोधी नहीं बल्कि एक दूसरे की सहयोगी है. इसलिए इन बातों पर बहस करना निरर्थक है. इस मुश्किल समय में हमें मरीजों में सकारात्मकता भरनी चाहिए. इस तरीके के विवाद से मरीजों में असमंजस की स्थिति पैदा होती है. अनिल विज ने कहा कि जब वह कोरोना पेशेंट थे तो उन्होंने रेगुलर आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दोनों दवाइयां ली थी. उन्होंने कहा कि दोनों का अपना अपना महत्व होता है.

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