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झुग्गी झोपड़ी बस्ती में रहने वाली पूजा ने आईएएस बनने का सपना पूरा किया, माँ ने मजदूरी कर पढ़ाया

जिंदगी की कड़वी सच्चाई में कई बातें ऐसी सुनाई देती है, जिन पर विश्वास करना भी मुश्किल होता है। अभी हाल ही में एक खबर ऐसी ही सामने आई है, जिसमें सपनों के जुनून के आगे और परिस्थितियां किसी भी प्रकार के होने के बाद भी एक लड़की ने आईएएस बनने का सपना पूरा किया है। आज इस आर्टिकल में आप श्रीगंगानगर रेलवे पटरी के ऊपर झुग्गी झोपड़ी बस्ती में रहने वाली, एक ऐसी ही लड़की पूजा की कहानी पढ़ने वाले हैं। जिसने हर तरीके की परिस्थितियां और बुरे हालात को पार करते हुए अपने सपनों के आगे अपने जुनून को पूरा किया है। पूजा एक दलित परिवार में जन्म लेने वाली बेहद गरीब परिवार की लड़की थी, पूजा के माता-पिता बेहद ज्यादा गरीब थे। और श्री गंगानगर रेलवे स्टेशन की पटरी के पास एक झुग्गी झोपड़ी में रहते थे। दिन में कैसे जैसे माता पिता मेहनत करके, अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। लेकिन बाद में उनकी जिंदगी में एक ऐसा बदलाव आया जिसकी वजह से, पूजा के सिर से उनके पिता का साया छिन गया। करीब जब पूजा 4 साल की हुई तो उनके पापा की मौत हो गई, इस वजह से पूजा के सिर से पिता का साया भी छिन गया।

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पूजा की माँ ने दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार को संभाला

पूजा के पिता गुजर जाने के बाद उनकी मां ने कैसे जैसे दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार को संभाला, और अपने परिवार का पालन पोषण किया। जब पूजा बड़ी हुई तो उनकी मां ने दिहाड़ी मजदूरी करके अपनी बेटी को पढ़ाया, पूजा को बचपन से ही पढ़ने का बहुत ज्यादा शौक था। पूजा के घर में लाइट की कोई व्यवस्था नहीं थी। आज दिन तक आपने कई ऐसी बातें पढ़ी होगी, जिसमें लिखा होता है की रोड लाइट पर पढ़ाई की। इसी प्रकार पूजा के घर में लाइट ना होने की वजह से पूजा के पढ़ने के शौक के आगे वह भी रोडसाइड स्ट्रीट पर बैठकर पढ़ाई करती। पूजा की 2 बहिने और एक भाई है। इन चारों का पालन पोषण इनकी माँ ने ही किया है। पूजा की जिंदगी में पढ़ाई के लिए बड़े कोचिंग में एडमिशन लेना एक बहुत बड़ी बात थी, इस वजह से पूजा ने बिना किसी को कोचिंग के घर में रहकर अपनी आईएएस की तैयारी की। पूजा की स्थिति इस प्रकार थी, कि कोई भी परिवार अपनी बेटी को पढ़ा नहीं सकता था। और किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी, कि पूजा एक दिन यहां तक पहुंच जाएगी।

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पूजा का साल 2017 में आईएएस में चयन हुआ

अपने सपनों के आगे अपनी हार ना मानने वाली पूजा का साल 2017 में आईएएस में चयन हुआ। पूजा का आईएएस में चयन होना, एक बहुत ही बड़ा चर्चा का विषय था। और उनकी यह सफलता लोगों को बहुत ज्यादा प्रेरित करने वाली थी। कि कैसे एक लड़की जिसके पास ना कोई पढ़ने के लिए कोचिंग था और ना ही घर में कोई लाइट की व्यवस्था थी, जिसकी गरीब माँ ने कैसे जैसे करके इनको पाला पोसा। उस घर की लड़की आईएएस बनी, जो बच्चे आज हालातों का रोना रोते हैं। और दिन उठकर नए नए बहाने और परेशानियां बताते हैं, उनके लिए पूजा एक बेहद ज्यादा प्रेरणा का स्रोत है। पूजा ने बुरे से बुरे हालात में अपनी सफलता को अपना भविष्य समझ कर मेहनत की। पूजा ने हर हालात को पार करते हुए आईएएस बनने का सपना पूरा किया। पूजा के आईएएस बनने के बाद पूजा जैसी कई लड़कियों के लिए पूजा प्रेरणास्रोत बनी। वही गरीब परिवार में जहां पर पूजा की पढ़ाई को लेकर, हर किसी को यह लगता तो यह क्या करेगी। वही लोग अब अपनी बेटियों को पढ़ाने लगे, इस वजह से पूजा को एक प्रेरणा स्रोत के रूप में देखे जाने लगा।

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