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अपनी दरियादिली के चलते सोनू सूद एक बार फिर सुर्खियों में आये – जमशेदपुर

एक अनाथ और बेसहारा बच्ची के चेहरे पर आज खुशी झलक रही है। और इस खुशी की वजह बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता सोनू सूद बने हैं। अगर इस बच्ची की कहानी के बारे में बताया जाए तो बच्ची का नाम नीलांजना है। नीलंजना जमशेदपुर की रहने वाली एक लड़की है जो कि 10 साल की उम्र की है। वह अपने मामा के घर में रहती है, और कक्षा 4 में पढ़ती है। अब बारी आती है कि सोनू सूद ने इस लड़की की मदद किस तरीके से की है। तो हम आपको बता दें कि सोनू सूद ने इस लड़की को स्कूल जाने के लिए उसकी मन पसंदीदा साइकिल दिलाई है। क्योंकि जब नीलजना स्कूल जाती थी। तो स्कूल जाने का रास्ता बिल्कुल ही खराब था रोड में गड्ढे, जर्जर रास्ता जो कि कीचड़ भरा रहता था। इस वजह से निलंजना को स्कूल जाने और आने में काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जब इस बात का पता सोनू सूद को चला तो उन्होंने लड़की के मामा की मदद से लड़की को साइकिल दिला दी। आइए इस आर्टिकल में हम आपको बता दें कि सोनू सूद ने किस तरीके से इस लड़की की मदद की है।

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निलंजना को एक बार तो स्कूल में से निकाल दिया गया…

सबसे पहले तो हम आपको इस पैराग्राफ में निलंजना पाल के बारे में पूरी जानकारी दे देते हैं। नीलंजना पाल की उम्र 10 साल की है, और वह कक्षा 4 में पढ़ती है। निलंजना का जन्म जमशेदपुर में हुआ है और जन्म के बाद ही निलंजना के पिता घर को छोड़कर चले गए। 2 सालों तक कैसे जैसे मां ने अपनी बेटी के साथ गुजारा किया। बाद में माँ ने भी दूसरी शादी कर ली, दूसरी शादी करने के बाद में निलंजना अकेली थी। और वह अब अपने मामा के घर रहती है। मामा के घर में पढ़ाई कर रही निलंजना के मामा की आर्थिक स्थिति काफी ज्यादा खराब है। और वह उसे हर तरीके की तमाम सुख-सुविधाओं नहीं दे सकते। जिससे उनका गुजारा आराम से हो जाए। अपने मामा की स्थिति खराब होने की वजह से कैसे जैसे स्कूल में पढ़ रही निलंजना को तो एक बार तो स्कूल में फीस जमा न कराने की वजह से निकाल दिया गया था। बाद में मामा ने विधायक सांसद और जिला प्रशासन से गुहार लगाकर निलंजना को वापिस स्कूल में भर्ती कराया। बाद में निलंजना और उसके मामा ने सोनू सूद से साइकिल के लिए गुहार लगाई जो कि सोनू सूद ने सुन ली।

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मामा की मदद से लड़की के लिए एक मनपसंद साइकिल खरीद कर दे दी

जब सोनू सूद को निलंजना की पूरी कहानी पता चली कि कैसे यह लड़की श्रीनाथ पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन तक पढ़ाई करी, और बाद में फीस ना होने की वजह से से निकाल दिया गया। बच्ची का नाम स्कूल में से काट भी दिया गया, बाद में प्रशासन की मदद से इस लड़की को कक्षा चार में वापस एडमिशन मिला है। अभी इसे स्कूल जाने के लिए साइकिल की जरूरत है। तो सोनू सूद ने बिना देर किए ही लड़की के मामा से मदद से लड़की के लिए एक मनपसंद साइकिल खरीद कर दे दी। आज निलंजना अपने स्कूल में कीचड़ भरी सड़क से बचाव करती हुई अपनी साइकिल से स्कूल जाती है। आज इससे यह तो पता चल जाता है कि जिसका कोई नहीं है उसका सोनू सूद है। क्योंकि सोनू सूद को जब भी पता चलता है, कि कोई परेशानी में है तो हमेशा मदद के लिए हाजिर रहते हैं।

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