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बेरोजगारी में हरियाणा नंबर वन, CMIE के आंकड़ों में बाकी राज्यों को पछाड़ा

नई दिल्ली । कोरोना महामारी के कारण जहां एक तरफ जान माल की हानी हुई है, तो वहीं दूसरी तरफ बेरोजगारी का संकट भी सामने आया है. कोरोना को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन की घोषणा की गई थी. हालांकि इससे कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी देखी गई. लेकिन इसके कारण जो बेरोजगारी उपजी, वह लंबे समय तक अपना प्रभाव दिखाने वाली है.

भारत के कई राज्यों में बेरोजगारी दर बढ़ती जा रही है. हाल ही में सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआईआई) ने बेरोजगारी से संबंधित आंकड़े जारी किए हैं, जिनमें बताया गया है कि मई के महीने में भारत की बेरोजगारी दर 11.6 फ़ीसदी है.

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सीएमआईई के इन आंकड़ों की माने तो ग्रामीण भारत की अपेक्षा शहरी भारत में बेरोजगारी की ज्यादा समस्या पैदा हुई है. मई के महीने में शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी दर 13.9 फ़ीसदी तथा ग्रामीण क्षेत्र में 10.6 फ़ीसदी रही. राज्यों की बात करें तो हरियाणा आज बेरोजगारी में नंबर एक पर आ गया है. मई के आंकड़े यही बता रहे हैं.

सीएमआईई द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार पूरे भारत में हरियाणा बेरोजगारी के मामले में अव्वल है. यहां 35.1 फ़ीसदी लोग बेरोजगार हैं. सबसे खास बात तो यह है कि सिर्फ 1 महीने में यह बेरोजगारी का आंकड़ा 4 गुना बढ़ चुका है. अप्रैल के महीने में बेरोजगारी दर महज 8 फीसद थी.

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सीएमआईई के आंकड़ों की बात करें तो बेरोजगारी दर के बढ़ने के मामलों में राजस्थान दूसरे स्थान पर(28), दिल्ली(27.3) तीसरे स्थान पर, गोवा(25.7) है. इनके अलावा बाकी राज्यों में भी बेरोजगारी के आंकड़े संतोषजनक नहीं है.

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