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शनिदेव जयंती पर इस बार बन रहे हैं दो शुभ योग, जानिए इस दिन पूजा करने की विधि

भिवानी । अबकी बार शनिदेव जयंती के अवसर पर दो  शुभ योग बन रहे हैं. इन योगों में किए गए कार्यों में सफलता मिलती है. बता दें कि छपारिया हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित रामकृष्ण शर्मा गोवर्धन – मथुरा वाले ने बताया कि हिंदू धर्म में हर साल जयेष्ट महीने की अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान सूर्य और माता छाया के पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था. अबकी बार यह शनि जयंती जयेष्ठ महीने की अमावस्या 10 जून गुरुवार को मनाई जाएगी.

शनिदेव जयंती पर इस बार बन रहे हैं यह दो बड़े योग 

बता दे कि अबकी बार शनि जयंती के मौके पर शुल व धृति योग बन रहे हैं. उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन दोनों योगो को शुभ माना जाता है. इस दौरान शुभ मांगलिक कार्य किए जाते हैं. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है. साथ ही उन्होंने बताया कि अबकी बार शनि जयंती के दिन इस साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा. भारत में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण न होकर आंशिक होगा.

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जिसके कारण ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. उन्होंने बताया कि यह सूर्यग्रहण उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग, यूरोप और एशिया मे आंशिक तौर पर दिखेगा. वहीं उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रूस में पूर्ण रुप से दिखाई देगा. ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव वृषभ राशि पर पड़ेगा. ऐसे में इस राशि के जातकों को अपनी सेहत का विशेष  ध्यान रखना चाहिए. 10 जून को सूर्य ग्रहण दोपहर 1:42 से शुरू होगा, जो शाम 6:41 पर समाप्त होगा.

जानिए शनि जयंती पर ग्रहों की स्थिति

पंडित राम किशन शर्मा ने बताया कि 9 जून बुधवार को अमावस्या दोपहर 1:57 से शुरू होगी और 10 जून गुरुवार को शाम 4:22 पर समाप्त होगी. ऐसे में शनि जयंती या शनिदेव का जन्मोत्सव 10 जून को मनाया जाएगा. 11 जून को चंद्रमा देर रात 1:10 तक रहेगा, इसके बाद वह मिथुन राशि पर संचार करेगा. सूर्य वृषभ राशि पर रहेगा,इस दिन सूर्य नक्षत्र मृगाशीरा और नक्षत्र रोहिणी होगा. उन्होंने बताया कि शनि जयंती के पावन दिवस पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.

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घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें. इस बार कोरोना माहमारी की वजह से सभी लोग घर में रहकर ही शनिदेव की पूजा अर्चना करें,  शनि चालीसा का पाठ करें. अगर संभव हो सके तो इस दिन व्रत भी अवश्य रखें. इस पावन दिवस पर दान भी करे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है. पंडित रामकिशन शर्मा के अनुसार शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए.  उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान और गरीबों की मदद करने से शनि देव जी की कृपा होती है.

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