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हरियाणा में 11 से 14 जून के बीच दोबारा होगी बरसात, जाने क्या है पूर्वानुमान

रोहतक । बरसात की वजह से हरियाणा में इस बार मई के महीने में भीषण गर्मी नहीं पड़ी . आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पिछले 6 सालों की तुलना में रोहतक में मई में अबकी बार सबसे ज्यादा बरसात दर्ज की गई है. वहीं इस बार नौतपा में भी रोहतक का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा. मई 2015 में रोहतक में सबसे कम 10 एमएम बारिश दर्ज की गई थी. वही अबकी बार मई 2021 में 244 एमएम बारिश दर्ज की गई है. जो कि 2015 की तुलना में 24 गुना से अधिक हैं.

11 से 14 जून के बीच दोबारा होगी बारिश

वही मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस साल मई के महीने में पश्चिमी विक्षोभ का अधिक प्रभाव देखने को मिला. इसी वजह से मई -जून में अबकी बार लू नहीं बन पा रही है. इस बार पूर्वी हवाएं भी ज्यादा चली है. मई में ताऊ ते तूफान गुजरात से राजस्थान, दिल्ली एनसीआर होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गया था. जिसका बाहरी हिस्सा रोहतक से गुजरा इसी कारण 19 से 21 मई तक रोहतक में  ज्यादा बारिश हुई. बता दे कि मॉनसून के अलावा यहां पर पश्चिमी विक्षोभ के कारण ही बारिश होती है. ज्यादातर पश्चिमी विक्षोभ यहां दिसंबर से मार्च तक आते हैं, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियां अधिक रही. वही मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जून में भी मौसम में परिवर्तन हो रहा है.  8 से 11 जून तक मौसम खुश्क रहने की संभावना है. वही 11 से 14 जून के बीच फिर से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव दिखाई देगा, जिसकी वजह से दोबारा बारिश देखने को मिलेगी.

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जानिए पश्चिमी विक्षोभ के बारे में

पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टरबेंस भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाकों में आने वाले ऐसे तूफानों को कहते हैं,  जो वायुमंडल की ऊंची तहों में भूमध्य सागर व अंध महासागर में नमी लाकर, उसे अचानक वर्षा के रूप में गिरा देते हैं. ये अधिकतर सर्दियों के मौसम में आते हैं. इस साल पश्चिमी विक्षोभ अधिक आए. जिसकी वजह से बरसात भी अधिक हुई.

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